"अमर रहे गणतंत्र हमारा, हो मुक्त सदा भारत माता
जन-जन के मन में बहती हो, निज देश प्रेम की पावन सरिता."
मैं ६२ वें गणतंत्र दिवस पर आप सभी देशवासियों का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ . साथ ही यह विश्वास व्यक्त करता हूँ की हमारा गणतंत्र अमर रहे . १५ अगस्त १९४७ को भारत माता की सदियो पुरानी गुलामी की जंजीरे चटाख से टूट गयी . भारत के नील गगन पर अपूर्व आलोक छा गया . स्वतंत्रा का स्वर्णिम प्रभात देखने के लिए हम आठ सौ बर्षो से तरसते रहे और जिसे हमने लाखों देश के सपूतों के बलिदान से प्राप्त किया.लेकिन हमारा देश पूर्णरूप से गणतंत्र २६ जनवरी १९५० को हो सका जब हमारे देश में हमारा संबिधान लागू हुआ . वो पल हम सब देश वाशियों के लिए गर्व का पल था . लेकिन सवाल ये उठता है की क्या हम अपने देश की एकता , अखंडता को बरक़रार रख सके है ? यह एक प्रश्न नहीं बल्कि पुकार है . देश के ही अनेक हिस्सों में हमारे देश की शान तिरंगा झंडा जिसे जलाया जा रहा है उसका अपमान किया जा रहा है जिस तिरंगे झंडे को फहराने के लिए हमने लाखों सपूतों की क़ुरबानी दे दी आज उसी झंडे को देश में अपमानित किया जा रहा है, और हमारे देश की शीर्ष सत्ता हाथ पर हाथ धरे बैठी है . बैठे भी क्यों न ? उसे तो देश की एकता, अखंडता से क्या लेना देना उसे तो अपनी कुर्सी प्यारी है सरकर को ये जान लेना चाहिए की सिर्फ लाल किले की प्राचीर से तिरंगा लहरा देना और चंद भाषण दे देना ही तिरंगा का सम्मान नहीं है बल्कि देश में के हर हिस्से में उसका सम्मान होना चाहिए. श्रीनगर के लाल चौक पर भाजपा के झंडा फहराने का वहा के मुख्यमंत्री समेत भारत सरकार भी प्रबल विरोध कर रही है. सरकार को ये तो समझ लेना चाहिए की कहीं उसकी ये अनदेखी उसके लिए महँगी न पड़ जाये. उस सरकार को देश की सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए जो देश के तिरंगे का सम्मान नहीं कर सकती .
अभिषेक सिंह
गाजीपुर

भाई अभिषेक जी बहुत बहुत धन्यवाद ..बहुत अच्छा लिखा है आपने ..जिस देश में तिरंगा फहराने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है आप भली भांति समझ सकते हैं कि देश किस दोराहे पर खड़ा है..लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास अपने चरम पर है ..हर व्यक्ति देश के प्रति लापरवाह है..नेताओं का तो जन्मजात पेशा देश को लूटना लगता है एसे में किसी भी प्रकार देशभक्ति की आशा नही की जा सकती है... केंद्र सरकार मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए तो हिंदुओं का भी आतंकवादी संगठन करार दे दिया है जिस देश में राष्ट्रध्वज फहराने के लिए प्रतिबंध हो उस देश के तो भगवान ही मालिक हैं ..वैसे अभिषेक भाई मैं भी गाजीपुर का रहने वाला हूं वर्तमान में जी न्यूज में कार्यरत हूं
ReplyDeleteमेरा मोबाईल नं 7838424049
कृप्या अपना नं मुझे बताए आपसे बात करके खुशी होगी
प्रभाकर सिंह