Friday, January 21, 2011

भविष्य भारत का हम ही हैं

भविष्य भारत का हम ही हैं युवा  

            " जब साथ उठेंगे कदम युवा तो क्यों न जागेगा भाग्य
               आँखों में सुनहरे सपने है और सीने में छुपी है आग "

             आज भारत विश्व में युवावों का देश कहा जा रहा है. लेकिन इस बात के साथ क्या ये तथ्य नहीं छुपा है की आज का युवा अपने पथ से भटक रहा है?  जो जोश , जूनून युवावों में होना चाहिए उसकी कमी नहीं हो रही है? हमारा युवा देश आज इस पीड़ा से तड़प रहा है की कही ऐसा न हो की हमारी ये युवा पीढ़ी अपने मार्ग से इतनी भटक जाये की सम्हालना  मुस्किल हो जाये. आज हमारा युवा नशाखोरी, अपराध अनेक प्रकार के बुरे कामो में फसते जा रहा है और इसके पीछे कही न कही समाज के बुरे लोगो का हाथ होता है वो युवावों को अपने लाभ के लिए गलत कामों में लगा देते है . युवा मन तो गीली मीटी के सामान होता है उसे जैसा बनाया जायेगा वैसा बनेगा लकिन युवावों को इन असामाजिक लोगो से बच के रहने की जरुरत है. सिर्फ ऐसा ही नहीं है की हमारे देश की युवा पीढ़ी पथ भ्रस्ठ हो रही है बल्कि देश में ही नहीं वरन देश के बाहर भी अपना और देश का नाम रौशन कर रही है नित नए आयाम बना रही है. इस गणतंत्र दिवस
 पर युवा वर्ग को देश प्रेम की भावना के साथ आगे आना चाहिए और अपने भविष्य  के लिए, देश के भविष्य के लिए अपने समाज के विकाश के लिए  समर्पण की भावना  के साथ काम करना चाहिए इसी में हमारे देश हमारे समाज और हमारा हित है. मेरे लिखी हुई इन बातो को आप अपने मन की ही बात समझे क्यों की जब भी कोई युवा की गलत रास्ते पर चलता है तो कही न कही रूखे पर उसे अपनी गलती का एहसास हो जाता है लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है. 

मै भी एक यूवा हूँ  आप आप ही लोगो के बीच का हूँ.

अभिषेक सिंह                                                                                                                                            

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