Wednesday, January 26, 2011

राष्ट्र ध्वज पर सियासत


जय हिंद

             भारत का ६२ वाँ गणतंत्र दिवस और इस पावन पर्व पर भी देश की शान तिरंगे झंडे पर राजनैतिक दलों की सियासत, क्या जनता का ये हक़ नहीं बनता की वो सरकार से पूछ सके की क्यों की जा रही है ये सियासत, कैसे चलेगा ये देश, क्या हमारे देश के नेता उन वीरो की क़ुरबानी भूल गए जिन्होंने इस देश की शान इस तिरंगे की शान में अपने जान की बाज़ी लगा दी और अपनी जान दे कर भी तिरंगे की शान बचाई थी. श्रीनगर के लाल चौक पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को उम्र अब्दुल्ला सरकार और हमारे देश की कांग्रेस  सरकार ने झंडा न फहराने दे कर देश की शान पर बट्टा लगाने का काम  किया है. अगर कांग्रेस ये कहती है की भाजपा श्रीनगर के लालचौक पर झंडा फरहाने के मामले को टूल दे रही है तो क्या कांग्रेस का ये फर्ज नहीं बनता की वो ही लाल चौक पर झंडा लहरा दे . कांग्रेस और उम्र अब्दुल्ला सरकार तो अब कश्मीर का भारत का हिस्सा मानते ही नहीं है और हमारी इसी सोच का नतीजा है की हमारे पडोसी मुल्क लगातार हमारे खिलाफ षड़यंत्र  किये  जा रहे है और हमारी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है सरकार को ये जवाब देना होगा की आखिर क्यों किया जा रहा है ऐसा क्या वो लाल चौक पर पकस्तानी झंडा लहराना देझ्ना चाहते है या अपने देश को एक बार उन शहीदों की क़ुरबानी को धुल में मिला कर देश को गुलाम बनाना चाहते है. इसका जवाब देना होगा सरकार को .........

                                                                                                    अभिषेक सिंह
                                                                                                     गाजीपुर

Monday, January 24, 2011

अमर रहे गणतंत्र हमारा

"अमर रहे गणतंत्र हमारा, हो मुक्त सदा भारत माता
जन-जन के मन में बहती हो, निज देश प्रेम की पावन सरिता."

          मैं ६२ वें गणतंत्र दिवस पर आप सभी देशवासियों का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ . साथ ही यह विश्वास व्यक्त करता हूँ की हमारा गणतंत्र अमर रहे . १५ अगस्त १९४७ को भारत माता की सदियो पुरानी गुलामी  की जंजीरे चटाख से टूट गयी . भारत के नील गगन पर अपूर्व आलोक छा गया . स्वतंत्रा का स्वर्णिम प्रभात देखने के लिए हम आठ सौ बर्षो से तरसते रहे और जिसे हमने लाखों देश के सपूतों के बलिदान से प्राप्त किया.लेकिन  हमारा देश पूर्णरूप से गणतंत्र २६ जनवरी १९५० को हो सका जब हमारे देश में हमारा संबिधान लागू हुआ . वो पल हम सब देश वाशियों के लिए गर्व का पल था . लेकिन सवाल ये उठता है की क्या हम अपने देश की एकता , अखंडता को बरक़रार रख सके है ? यह एक प्रश्न नहीं बल्कि पुकार है . देश के ही अनेक हिस्सों में हमारे देश की शान तिरंगा झंडा जिसे जलाया जा रहा है उसका अपमान किया जा रहा है जिस  तिरंगे झंडे को फहराने के लिए हमने लाखों सपूतों  की  क़ुरबानी दे दी आज उसी झंडे को देश में अपमानित किया जा रहा है,  और हमारे देश की शीर्ष सत्ता हाथ पर हाथ धरे बैठी है . बैठे भी क्यों न ? उसे तो देश की एकता, अखंडता से क्या लेना देना उसे तो अपनी कुर्सी  प्यारी है सरकर  को ये जान लेना चाहिए की सिर्फ लाल किले की प्राचीर से तिरंगा लहरा देना और चंद भाषण दे देना ही तिरंगा का सम्मान नहीं है बल्कि देश में के हर हिस्से में उसका सम्मान होना चाहिए. श्रीनगर के लाल चौक पर भाजपा के झंडा फहराने का वहा के मुख्यमंत्री समेत भारत सरकार भी प्रबल विरोध कर रही है. सरकार को ये तो समझ लेना चाहिए की कहीं उसकी ये अनदेखी उसके लिए महँगी न पड़ जाये. उस सरकार को देश की सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए जो देश के तिरंगे का सम्मान नहीं कर सकती .


                                                                                                 अभिषेक सिंह
                                                                                                   गाजीपुर

Friday, January 21, 2011

भविष्य भारत का हम ही हैं

भविष्य भारत का हम ही हैं युवा  

            " जब साथ उठेंगे कदम युवा तो क्यों न जागेगा भाग्य
               आँखों में सुनहरे सपने है और सीने में छुपी है आग "

             आज भारत विश्व में युवावों का देश कहा जा रहा है. लेकिन इस बात के साथ क्या ये तथ्य नहीं छुपा है की आज का युवा अपने पथ से भटक रहा है?  जो जोश , जूनून युवावों में होना चाहिए उसकी कमी नहीं हो रही है? हमारा युवा देश आज इस पीड़ा से तड़प रहा है की कही ऐसा न हो की हमारी ये युवा पीढ़ी अपने मार्ग से इतनी भटक जाये की सम्हालना  मुस्किल हो जाये. आज हमारा युवा नशाखोरी, अपराध अनेक प्रकार के बुरे कामो में फसते जा रहा है और इसके पीछे कही न कही समाज के बुरे लोगो का हाथ होता है वो युवावों को अपने लाभ के लिए गलत कामों में लगा देते है . युवा मन तो गीली मीटी के सामान होता है उसे जैसा बनाया जायेगा वैसा बनेगा लकिन युवावों को इन असामाजिक लोगो से बच के रहने की जरुरत है. सिर्फ ऐसा ही नहीं है की हमारे देश की युवा पीढ़ी पथ भ्रस्ठ हो रही है बल्कि देश में ही नहीं वरन देश के बाहर भी अपना और देश का नाम रौशन कर रही है नित नए आयाम बना रही है. इस गणतंत्र दिवस
 पर युवा वर्ग को देश प्रेम की भावना के साथ आगे आना चाहिए और अपने भविष्य  के लिए, देश के भविष्य के लिए अपने समाज के विकाश के लिए  समर्पण की भावना  के साथ काम करना चाहिए इसी में हमारे देश हमारे समाज और हमारा हित है. मेरे लिखी हुई इन बातो को आप अपने मन की ही बात समझे क्यों की जब भी कोई युवा की गलत रास्ते पर चलता है तो कही न कही रूखे पर उसे अपनी गलती का एहसास हो जाता है लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है. 

मै भी एक यूवा हूँ  आप आप ही लोगो के बीच का हूँ.

अभिषेक सिंह                                                                                                                                            

Thursday, January 20, 2011

गाजीपुर से एक छोटा सा प्रयास और आप सभी लोगो से सहयोग की उम्मीद

मै अभिषेक सिंह उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर गाजीपुर के कटघरा गाँव का रहने वाला हूँ । मैंने अपना ब्लॉग लिखना शुरु किया है, और आप लोगो से यही उम्मीद है की आप इस कार्य में मेरा सहयोग करेंगे । मेरे विचारों को पढेंगे और उसपर अपनी राय देंगे। आप लोगो के इस सहयोग का मै सदा आभारी रहूँगा।


अभिषेक सिंह
गाजीपुर

Indian Education System.......



Namskar Doston..........

Ji ha doston, bharat ke liye ye sawal jawalant hai . Kaisi hai hamara education system? Kitna kuchh shikh pate hai ham apne education system se? Garibo ke liye higher education kitna prabhawi hai jis se ki wo aage badh saken?

Itne sare sawal hai mere man me , mere hi man me nahi balki har us middle class family me rehne wale ke man ki bat hai ye, sare log yahi janna chahte hai .. Din par din collages ki fees badhti ja rahi hai , kitabe mahangi hoti ja rai hai , sarkar janti hai ki padhna to hamari majburi hai kahi se padhe , sarkar hame sakshar karna chahti hai shikshit nahi kyo ki jab ham shikshit ho jayenge to sarkan ki neetiyon ko samajh jayenge aur sarkar kabhi ye nahi chahegi.Schollership ke nam pe kuchh logo ke hatho me chand rupaye pakda tehi hai sarkar aur log khush ho jate hai ..

Bat khush hone ki nahi hai balki janne ki hai ki kitna kuchh ham shikh pate hai apne education system se , kya ye gyan jo hame diya ja raha hai ye sirf kitabi nahi hai? Sirf kitabi gyan se janta ka bhala nahi hone wala hai, janta ke bhale ke liye rozgar parakh shiksha honi chahiye system me jo nahi hai, aur agar hai bhi to itni mehangi hai ki aam aadmi ke bas me nahi hai...



Aap bhi apne vichar de sakte hai .. mere is blog par ..
Abhishek Singh
Ghazipur

Wednesday, January 19, 2011

भारत में भ्रस्टाचार

जी हा ,
'' मैंने जो ये title दिया है सायद आप लोगो ने कई बार सुना हो लेकिन इस के बाद भी मैंने यही कहा भारत में भ्रस्टाचार. इस सरकार में यही तो हो रहा है कही भी शांति नहीं गरीब जनता महंगाई से त्रस्त है और हमारी सरकार है की अपनी वाह वाही में ही लगी है सरकारी मंत्री  जी की तो पूछो मत ये तो अपनी ही जेबें भरने पर लगे हुए है commonwealth  खेल हो या २जी घोटाला सब तरफ लूट मची है ॥ पेट्रोल के दाम दिन पर दिन बढ़ते जा रहे है और सरकार ने खुली छुट दे रखी है. देश में terrorist आते है देश पर हमला करते है और पकडे जाने पर हम उन्हें सालो तक बैठा कर उनकी सेवा करते है. कहा तक सही है ये सब? ... इन सब सवालो के जवाब हमें कांग्रेस से चाहिए ॥ देश के ही एक हिस्से कश्मीर में देश का तिरंगा जलाया जा रहा है और सरकार है की चुप बैठी
है ... दोस्तों इन सब सवालो के जवाब हमें सरकार से चाहिए की जिस जनता ने उन्हें भारत की सत्ता पे पहुचाया उनके लिए वो क्या कर रही ..''
कृपया इस पर अपनी राय दे ... धन्यवाद